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यूटीआई या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ तब होता है जब बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— के माधà¥à¤¯à¤® से हमारे मूतà¥à¤° पथ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं और मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर फैलने और गà¥à¤£à¤¾ करने लगते हैं। जब à¤à¤¸à¤¾ होता है, तो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हमारे शरीर पर कबà¥à¤œà¤¾ कर लेते हैं और फिर मूतà¥à¤° पथ के अंदर à¤à¤• पूरà¥à¤£ विकसित संकà¥à¤°à¤®à¤£ में विकसित हो जाते हैं। यूटीआई, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं में होता है।
मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤¯à¤¾ हैं? - Types of Urinary Tract Infection (UTI) in Hindi
* सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ और बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° का इंफेकà¥à¤¶à¤¨:
सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ आमतौर पर ई .कोली (à¤à¤¸à¥à¤šà¥‡à¤°à¤¿à¤šà¤¿à¤¯à¤¾ कोली) बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है जो आमतौर पर जीआई (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹-आंतà¥à¤°) पथ में पाठजाते हैं. यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ आपको इस बीमारी को विकसित करने के लिठयौन रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नहीं होना है, लेकिन कई बार संà¤à¥‹à¤— को इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° ठहराया जा सकता है. वासà¥à¤¤à¤µ में, सà¤à¥€ महिलाओं को इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का खतरा होता है, उनकी शारीरिक रचना के कारण और अधिक, जिससे वे मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— से गà¥à¤¦à¤¾ तक की थोड़ी दूरी पर होते हैं.
* मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— या मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— का इंफेकà¥à¤¶à¤¨:
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—शोथ तब होता है जब जीआई बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ गà¥à¤¦à¤¾ से मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में फैलता है. गोनोरिया, दाद, कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ और मायकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ जैसे यौन संचारित रोग à¤à¥€ इस बीमारी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ाते हैं.
मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं? - Urinary Tract Infection (UTI) Symptoms in Hindi
मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ पेशाब का बार-बार और छोटी मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾, पेशाब करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾, पेशाब करते समय जलन महसूस करना, पेशाब में बदबू आना, मांसपेशियों में दरà¥à¤¦, पेट में दरà¥à¤¦, तेज महक, महिलाओं में विशेष रूप से दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के केंदà¥à¤° में और जघन कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के आसपास है.
संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लकà¥à¤·à¤£ अलग-अलग होते हैं. à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚ट पाइलोनफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मामले में, रोगी को जी मचलना, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट दरà¥à¤¦, तेज बà¥à¤–ार और ठंड लगना से पीड़ित हो सकता है. मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—शोथ में, वेजिना से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ, पेशाब करते समय जलन, पेट में परेशानी, पेलà¥à¤µà¤¿à¤• दबाव, मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ के निशान के साथ-साथ अकà¥à¤¸à¤° दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• पेशाब का अनà¥à¤à¤µ होता है.
मूतà¥à¤° मारà¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं? - Urinary Tract Infection (UTI) Causes in Hindi
यूटीआई पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ और महिलाओं दोनों में सबसे आम संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। हालांकि, पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाà¤à¤‚ यूटीआई से अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके जननांगों की शारीरिक रचना काफी जटिल होती है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हैं और शरीर में किडनी, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ को गंà¤à¥€à¤° रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
यूटीआई को ऊपरी और निचले मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है। ऊपरी मूतà¥à¤° पथ में, मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€ और किडनी मौजूद होती हैं, जबकि निचले मूतà¥à¤° पथ में मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। ई. कोलाई मूतà¥à¤° पथ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ जीवाणॠहै और कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ और माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— को दूषित कर सकते हैं लेकिन मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को नहीं।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ साइट के आधार पर, यूटीआई को अलग-अलग नामों से पà¥à¤•ारा जाता है जैसे कि सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤—शोथ और पायलोनेफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ यूटीआई अपने आप दूर हो सकता है?
यूटीआई या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ बिना à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं के अपने आप दूर हो सकता है। शरीर à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के à¤à¥€à¤¤à¤° à¤à¤• मामूली यूटीआई को हल कर सकता है। लगà¤à¤— 25% से 50% महिलाओं को दवा की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। हालांकि, कà¥à¤› गंà¤à¥€à¤° मामलों में, यूटीआई के इलाज के लिठà¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ आवशà¥à¤¯à¤• हैं।
यूटीआई कितने समय तक चलता है?
यूटीआई काफी आम है और वायरस, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और फंगस के कारण हो सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ की मदद से यूटीआई 24 घंटे से 48 घंटे के à¤à¥€à¤¤à¤° दूर हो सकता है। हालांकि, अगर संकà¥à¤°à¤®à¤£ किडनी तक पहà¥à¤‚च गया है, तो यूटीआई को दूर होने में à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या उससे अधिक समय लग सकता है।
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